पेट्रोल-डीजल महंगा होने पर विपक्ष का हमला, कांग्रेस ने कहा ‘चुनाव खत्म वसूली शुरू’; अखिलेश बोले- आगे बढ़ने का विकल्प साइकिल

नई दिल्ली: देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधते हुए इसे आम जनता पर अतिरिक्त बोझ बताया है और महंगाई को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है।

कांग्रेस का हमला, पीएम के विदेश दौरे से जोड़ा मामला

कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री विदेश यात्रा पर हैं और दूसरी तरफ देश को पेट्रोल-डीजल की महंगाई का तोहफा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव का दौर चल रहा होता तो शायद ऐसी बढ़ोतरी नहीं होती। कांग्रेस ने इसे “चुनाव खत्म और वसूली शुरू” बताते हुए सरकार पर सीधा हमला बोला।

अखिलेश यादव का बयान, ‘साइकिल ही विकल्प’

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी बढ़ी कीमतों को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि महंगाई और मौजूदा परिस्थितियों से बाहर निकलने का विकल्प जनता के पास मौजूद है, और आगे बढ़ने का रास्ता “साइकिल” है। उनका इशारा पार्टी के चुनाव चिन्ह की ओर माना जा रहा है।

टीएमसी और शिवसेना (यूबीटी) का भी निशाना

टीएमसी सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने भी कीमतों में बढ़ोतरी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पहले जनता के वोट लिए जाते हैं और फिर उन्हें महंगाई का झटका दिया जाता है। उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।

वहीं शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने रुपये की गिरावट और ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अब देखना है कि “सबसे पहले किसकी सेंचुरी लगती है”।

दूध की कीमतों ने भी बढ़ाया दबाव

महंगाई का दबाव केवल ईंधन तक सीमित नहीं रहा। इससे पहले अमूल और मदर डेयरी ने दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की घोषणा की थी, जिससे घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है।

महंगाई को लेकर बढ़ी राजनीतिक गर्मी

लगातार बढ़ती ईंधन और जरूरी वस्तुओं की कीमतों को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर है, जबकि सरकार की ओर से वैश्विक परिस्थितियों और कच्चे तेल की कीमतों को इसकी वजह बताया जा रहा है।

 

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